सदर थाने में वर्दी वाला जादूगर

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JNI NEWS : 08-02-2014 | By : Jagendra | In : shahjahanpur news

jadugar1 copyशाहजहांपुर। सदर थाने में हेड मोहर्रिर के पद पर तैनात इस्तजाब अली खां मझे हुए जादूगर हैं। छात्र जीवन से ही इस विधा में पारंगत श्री खां अपपराधियों को पकड़ने में भी इस हुनर का उपयोग करने के तरीके खोज रहे हैं। अब तक वह अपनी इस कला के कारण अनगिनत बार सम्मानित हो चुके हैं। दिल्ली में हुए एक मैजिक कार्यक्रम में वहां मौजूद फिल्म स्टार शत्रुधन सिन्हा ने श्री खां का स्मार्ट जादूगर का खिताब देकर सम्मानित किया था।
इस्तजाब अली खां हरदोई जिले के थाना शाहबाद अंतर्गत ग्राम हर्रई के रहने वाले हैं। वर्ष 1970 में जन्में इस्तजाब अली खां कहते हैं कि उन्हें बचपन से ही नई खोजों और रहस्यों को जानने की ललक थी। जब वह कक्षा छह में पढ़ते थे तो स्कूल में एक जादूगर अपने करतब दिखाने आया। उसके करतबों को उन्होने ध्यान से देखा और बारीकियों से उसके हाथ की सफाई को पकड़ा। इसके बाद घर जाकर उन्होंने वैसा ही करने की प्रैक्टिस की। थोड़ी मुश्किलों के बाद हाथ की सफाई का यह हुनर उनके भी हाथ में आ गया। इसके बाद वह अपने स्कूली साथियों को करतब दिखाकर अचंभित करने लगे। किस्मत का खेल देखिए, एक होनहार जादूगर पुलिस महकमे में भर्ती हो गया। लेकिन यहां भी उन्होने इस कला को न सिर्फ जीवित रखा, बल्कि और निखारा। उनके सहकर्मी उनके करतब देखकर हैरत में पड़ जाते थे। बाद में वह पुलिस विभाग के कार्यक्रमों में अपना हुनर दिखाने लगे तो अधिकारी उनकी इस कला के कायल हो गए। सैकड़ों बार अधिकारियों ने उनकी पीठ थपथपाई और हौसला आफजाई की।
श्री खां आजकल थाना सदर बाजार में हेड मोहर्रिर हैं। वह कहते हैं कि इस कला का उपयोग वह क्राइम कंट्रोल में करने के रास्ते तलाश रहे हैं। इस कला के बल पर अपराधी पकड़े जाएंगे और केस खुलेंगे। हालांकि वह यह भी कहते हैं कि जादू सिर्फ तकनीकि, सम्मोहन और हाथ की सफाई का मिश्रण है। 23 साल पहले उन्होने अपनी इस कला का उपयोग लखीमपुर खीरी में एक दुर्दांत अपराधी को पकड़ने में किया था। बताते हैं कि जब वह खीरी के मैगलगंज थाने में तैनात थे तो कोर्ट पेशी पर ले जाते समय एक डकैत भाग गया था। पता चला कि वह अपनी ससुराल के पास सैकड़ों बीघा में पसरे गन्ने के खेतों में छिपा है। उन्होंने अपने साथी पुलिस वालों का किसानो का बहरूप धरा और खुद जादूगर बनकर उस गांव में पहुंच कर तमाशा दिखाने लगे। भीड़ जुटी तो वह डकैत भी जादू का खेल देखने आ गया और पकड़ा गया। पुलिस विभाग की अपनी व्यस्तताओं के कारण वह इस हुनर पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते, लेकिन जब भी मौका मिलता है वह इसका जबर्दस्त प्रदर्शन करते हैं। इस बार 26 जनवरी को पुलिस लाइंस में हुए कार्यक्रम में उन्होने अपने करतब दिखाकर सभी को सम्मोहित कर दिया। इस पर खुश होकर राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा व पुलिस अधीक्षक सैयद वसीम अहमद ने उनकी पीठ थपथपाई। इसके अलावा इस्तजाब अली खां को कलकत्ता में हावड़ा मैजिक सर्किल में बेस्ट परफार्मर के लिए और हरियाणा के फरीदाबाद में देश के महान जादूगर पीसी सरकार द्वारा जादूगर शिरामणि एवार्ड से सम्मानित किए जा चुके हैं। इस्जाब अली खां को स्मार्ट जादूगर के नाम से भी जानते हैं, पता है क्यों? दिल्ली में हुए आल इंडिया मैजिक फेस्टिबल में इंडियन ब्रदरहुड आफ मैजिक एवार्ड मिला तथा फिल्म स्टार शत्रुधन सिन्हा ने उन्हें स्मार्ट जादूगर के खिताब से नवाजा। तभी से श्री खां अपने नाम के आगे स्मार्ट जादूगर जोड़ते हैं। श्री खां की फेसबुक पर भी स्मार्ट जादूगर इस्तजाब अली के नाम से आइडी है।

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